देश के युवा आज की पीढ़ी की आवाज

देश के युवाओं
शिक्षा को महंगा करना
शिक्षा से गरीबों, मध्यम वर्ग को दूर करना।
यह मूलनिवासी बहुजनों से शिक्षा छिनने का मामला है।
देश के सभी सरकारी संस्थाओं, उधोगों का निजिकरण(ब्राह्मण बनिया कि बपौती बनाना) यह सब मूलनिवासी बहुजनों को डायरेक्ट गुलाम बनाने का मामला है।
निजिकरण होगा तभी ब्राह्मणों का मूलनिवासियों पर वर्चस्व रहेगा
यह ब्राहणी व्यवस्था को जीवित करने का आधुनिक षड्यंत्र है
इसलिए इस खैल को समझो


बिना संगठन के शक्ति नहीं होती है
शक्ति के बलपर ही किसी भी अन्यायी, अत्याचारी संगठित शक्ति का मुकाबला किया जा सकता है
अकेले अकेले लडने से
बढिया बोलने से भी हम इस ब्राहणी संगठित शक्ति को नहीं हरा सकते
परंतु संगठित जनशक्ति के बलपर हम हमारे अनुसार देश कि सभी नितियां बनवा सकते हैं
शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार जैसे मौलिक मुद्दों को समाज के लिए संवैधानिक तरिके से लागू करवा सकते हैं
इसलिए संगठित ताकत का मतलब समझों
संगठित करो
संगठित ताकत के बलपर ही सही तरिके से संघर्ष हो सकता है