शूद्र शूद्र क्या है

पोस्ट बड़ी है कृपा समय निकल पढ़ने की कोशिश करे 
      **** जो शुद्र [ sc,st,obc ] आज 
       * मंदिरों कि चौखट पर सिर पिटते है। 
       * वो निचे लिखी बातों का जवाब दें। 


    १.* जब आपको गांव से बाहर बस्ती बनाकर
       * रहने के लिए मजबुर किया गया था। 
       * तब पाँच हजार साल से 
       * आपका ईश्वर कहाँ था ?
    २.* जब आपको पाँच हजार साल तक,
       * शिक्षा से वंचित रखा गया।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ३.* जब पाँच हजार साल तक,आपको 
       * संपत्ती रखने का अधिकार नही था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ४.* जब आपके गलें में हाँडी लटकाए 
       * चलने के लिए मजबुर किया गया था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ५.* जब पाँच हजार साल तक,
       * आपके पिछे झाडू बांधकर, 
       * चलने के लिए मजबुर किया गया था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ६.* जब आपके प्राणों का 
       * मुल्य,कुत्ते,बिल्ली,मेंढक के प्राणों के    
       * बराबर समझा जाता था।
       * तब पाँच हजार साल तक,
       * आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ७.* जब आपको सुबह शाम कहीं
       * घुमने चलनेपर प्रतिबंध था।
       * सिर्फ दोपहर को हि कोई थाली वैगरे
       * बजा़ते हुए चलने दिया जाता था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
    ८.* जिस पानी में कुत्ते,बिल्ली मल मुत्र
       * विसर्जित करते रहते थे। 
       * उसी पानी को आपको
       * पिने नही दिया जाता था। 
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?  
   ९.* जब आपकी बहु बेटियों को कीसी
       * जानवर कि तरह 
       * कोई भी ले जा सकता था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
 १०.* जब आपको सिर्फ काम करने के लिए
       * बधुआ,गुलाम मज़दूर कि तरह 
       * प्रयोग किया जाता था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ? 
 ११.* जब आपको मंदिरों में 
       * घुसने नही दिया जाता था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ? 
 १२.* जब आपको धर्म कर्म से
       * सदा वंचित रखा गया था।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
 १३.* जब आपके छुने मात्र से हि 
       * यह लोग अपवित्र हो जाते थे।
       * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
 १४.* जब तुम्हारी बिमारी का ईलाज 
      * कोई तुम्हारी जाती कि वज़ह से 
      * करने से इन्कार कर देता था। 
      * और तुम ईलाज के अभाव में 
      * तडप तडपकर दम तोड देते थे। 
      * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?
१५.* पाँच हजार सालों से निर्दयता का एवं
      * बेवकुफ़ बनाने वाला यह खेल 
      * आपके साथ खेला जा रहा था।
      * तब आपका ईश्वर कहाँ था ?


      * जयभीम ! नमोबुद्धाय ! जय संविधान !