भारत में जातिऔर वर्ण का खेल, देखो और समझो

भारत में जातिऔर वर्ण का खेल, देखो और समझो ।


 


जाति  V/s  वर्ण 


 
ब्रह्मा के अनुसार चार लोग पैदा किये गए 


1.ब्राह्मण:-  वर्ण एक,जाति एक 
2.क्षत्रिय:-  वर्ण एक,जाति   एक 
3.वैश्य:-  वर्ण   एक,जाति   एक 
4.शूद्र:-  वर्ण एक, जाति अनेक (6743) जातियों में बांटा🤔?


  नहीं समझे  चलो समझाता हूँ :-


ब्राह्मण से जाति पूछो कहेगा ब्राह्मण 
क्षत्रिय से जाति पूछो कहेगा राजपूत
वैश्य से जाति पूछो कहेगा बनिया


लेकिन शूद्र से जाति पूछो कहेगा :-


पासी


जाटव


बैरवा


बाल्मीकि


चमार


मीणा


धोबी


कोली


माली


नाई


बघेल


जाट


गूजर


काछी


जायसवाल


कुशवाहा


यादव  


गायरी


कुम्हार


खाती


मेघवाल


रेगर


बलाई


ढोली


कीर


खटीक


सुनार


मल्लाह


गरासिया


भील


दरोगा


टेली


रेबारी


टेलर


कुमावत


लोहार


पटेल


वर्मा


लोहार


सोनार


पटेल


कुर्मी


मराठा


जाट


तेली


आदि   आदि  आदी बहोतकुछ कुल मिलाके (6743)


मतलब सब अलग-थलग 


पिटने का कारण समझ में आया?


अगर आप SC   ST  OBC में आते हैं तो गर्व से कहें हम शूद्र हैं !!!


SC  शूद्र


ST  शूद्र


OBC  शूद्र


   फिर देखो तमाशा !! हर जगह पर बहुसंख्यक शूद्रों का कब्जा हो जायेगा फिर आपके बच्चे खूब लाइफ एंज्वॉय करेंगे ।


  √★शूद्रों को हिन्दू बनाकर मुसलमानों के खिलाफ इकठ्ठा कर ब्राह्मण राज करता है और जातियाँ में बांटकर एक जाति को दूसरी जाति के खिलाफ आपस में उलझाये रखता है । अर्थात शूद्रों की हिन्दू और जाति की पहचान ब्राह्मणों की सबसे बड़ी ताकत है तो शूद्र की शूद्र के रूप में पहचान ब्राह्मणों की सबसे बड़ी कमजोरी है इसलिए दुश्मन की कमजोरी को ही हमे हमारी ताकत बनाना होगा तो गर्व से कहो हम शूद्र (भारतीय मूलनिवासी) हैं ।
      क्योंकि हिन्दू धर्म में वर्ण, वर्ण शूद्र, शूद्र में जाति, जाति में क्रमिक ऊंच-नींच बनाकर भगवानों का डर दिखाया...... और ब्राह्मण के आगे सारे नींच !!! अब गर्व से कैसे कहें कि हम हिन्दू हैं ???
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 ब्राह्मणवाद की झूठी कहानी का पर्दाफाश होगा।
आज नही तो कल निश्चित होगा।।


देश के लोगों का मान सम्मान स्वाभिमान छीनने वाले दुश्मनों का सत्यानाश होगा।
जब शेर जागेगा तो लुटेरा गीदड़ दम दबाकर भागेगा।।


           *अंधविश्वास भगाओ*
          *आत्मविश्वास जगाओ*


#शिक्षित_बनो_और_शिक्षित_करो


सबेरा और उजाला तब नहीं होता जब सूर्योदय होता है, उसके लिए आंखें भी खोलनी पडती है।


आप ने इसे पढ़ने के लिए समय दिया उसका बहुत बहुत धन्यवाद । अब एक एहसान और करदो  इस संदेश को अन्य 10-20  साथियों में और ग्रुप मे भेज दो। बस यही तरीका है अपने साथियों को जागरूक करने का। 


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