CAA पर भगवा आई टी सेल का मैसेज और जबाब, कृपया अंत तक पढ़े। धन्यवाद!S3Y🔥

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[19/01, 6:55 PM] Yadav Phulchandra Bhiwn: *संविधान के दायरे में रहकर सरकार ने CAA क्या लागू कर दिया, देश भर में कुछ समुदाय हंगामा और इसका विरोध कर रहे है। जानिए क्यों ?*


आप सभी जानते है कि *१९ जनवरी १९९०* भारतीय राज्यघटना स्थापना के ४० साल बाद, *अपने ही देश के कश्मीर घाटी से बंदूक की नोक पर जिहादियों ने हजारों बेकुसूर कश्मीरी हिंदुओं की हत्या, बेबस बच्चीयों और महिलाओं पर बलात्कार किये। उनके घर, जमीन, जायदाद पर जबरजस्ती कब्जा जमाया गया और करीब ४ लाख (४,००,०००) कश्मीरी हिंदुओं को वहाँसे भागने पर मजबूर किया गया* उनको उनके अपने ही देश मे शरणार्थियों का जीवन जीने के लिए मजबूर किया गया। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के लिए जिम्मेदार कौन ??? *हमे उस वक़्त की दोषी सरकार और उस वक्त खामोश बैठे हर भारतीय नागरिक की घोर निंदा करनी चाहिए।*
*क्या अब भी हम इतिहास से कुछ सबक नही लेगे ?*


जरा सोचिए... अपने ही देश के ४ लाख से ज्यादा हिंदू कश्मीरियों को आप सभी के आखो के सामने भगा दिया जाता है। जो नही भागते उनको चुन चुन कर गोली मारी जाती है। बेबस बच्चीयों और महिलाओं पर बलात्कार और अत्याचार किया जाता है *उसके बावजूद हमारे देश के हरामखोर, नामर्द दोगले सेक्युलर नेता, मिडिया और जनता खामोश रहती है। इसे अंजाम देने के लिए कितनी बड़ी साजिश और प्लानिंग की गई होगी।* 


*४ लाख से ज्यादा लोगो के न्याय और मदत के लिए कोई माई का लाल रास्ते पर नही आया, सभी नामर्द की औलादे उस समय खामोश थी। कितना बड़ा विरोध प्रदर्शन और आक्रोश होना चाहिए था लेकिन बदकिस्मती से कुछ नही हुवा। और आज CAA क्या लागू हुवा उसका विरोध करने दोगले सेक्युलर रास्ते पर आ गए।* 
अगर ये हाल हमारे अपने देश कश्मीर घाटी में हो रहा है तो सोचो *१९४७ के बाद पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के हिंदू, जैन, शिख, बौद्ध आदि अल्पसंख्यक को ने कितना बुरा हाल हुवा होगा उन्होंने कितना कुछ सहन किया होगा।* वहाँ के पीड़ित, शोषित लोग अगणित अत्याचार सहने के बाद आज अपने ही देश मे *शरणार्थी का जीवन* जीने के लिए मजबूर है। *उनको भारतीय नागरिकता मिले ये कुछ जिहादी सोच रखने वालों को बर्दाश्त नही हो पा रहा है।* वे इसका जमकर विरोध कर रहे है। *वे किसी भी कीमत पर हिंदू और अन्य शरणार्थियों को भारतीय नागरिक के तौर पर देखना नही चाहते।* देश भर में *जिहादी सोच रखनेवाले कुछ लोगों द्वारा* छोटे बच्चों से लेकर महिलाओं के *मन मे नफरत का बीज* बोने कि कोशिश की जा रही है। CAA के बारे मे *झूठ* बताकर कुछ विशिष्ट समाज, प्रधानमंत्री मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के बारे में नफरत फैलायी जा रही है। उन सभी *शरणार्थियों को मानवता के आधार पर भारतीय नागरिकता दिलाना यह हम सभी भारतीयों🇮🇳 कि नैतिक जिम्मेदारी और कर्तव्य बनता है।* 


*अतः सभी राष्ट्रप्रेमी🇮🇳 भारतीय नागरिकों को अनुरोध है इतिहास से कुछ सबक लेते हुए, अपनी पिछली गलतियों को सुधारते हुए, खुलकर CAA के समर्थन में आगे आये और संविधान का सम्मान करते हुए उसे और मजबूती प्रदान करे।*


*जय हिंद...*🇮🇳
[19/01, 7:42 PM] Shivshankar Singh: भाई साहब काश्मीर से हिन्दू नहीं, पंडित कायर, डरपोक की तरह क्यों भागे? हथियार क्यों नहीं उठाया? स्वतंत्रता से लेकर आजतक ब्राह्मणवादी की ही सरकार रही है, उस समय राष्ट्रपति शासन था और भगवा मंडली का जगनमोहन ही राज्यपाल था। वे यदि चाहते तो सभी तरह के हथियार मिल जाते। पेट के लिए परजीवी चाहते हैं कि इनकी सुरक्षा भी शूद्र करे और उसी को अपमानित भी करते है। काश्मीर समस्या बुझदिल कायर पंडितों की देन है और दुर्भाग्य है कि इन भगोड़े पंडितों का दामादों की तरह स्वागत हुआ। इन्होंने ही ऐसी हालत आज़ पूरे देश का बना कर रखा हूआ है।
 १९९३ के मुम्बई दंगे में मुस्लिमों ने डट कर मुकाबला किया। कोई मुस्लिम मुम्बई छोड़कर नहीं भागा, लेकिन कायर पंडित ज़रूर भाग गया। यादव जी आंखे खोलो अपने पूर्वजों के ब्राह्मणों द्वारा अपमान के दर्द को महसूस करो। समझने के बाद हिन्दू मुस्लिम की बात करो। धन्यवाद!
[19/01, 7:58 PM] Yadav Ramashis Nm: बहुत सही उत्तर! भारत मे यही कायर ब्राह्मण शेर बन जाता है। लेकिन काश्मीर मे इनकी बहू- बेटियों की आबरू लुटती रही, पर ऐ कायर हथियार उठा कर लड़ने के बजाय, समान उठाकर भाग खड़े हुए।
[19/01, 8:02 PM] Yadav Ramashis Nm: चलिए, यादव जी अब आप आंदोलन करिए, बंदुक लेकर काश्मीर जाइए, आप को किसने मना किया है, पर याद रखिए, जिसके लिए लड़ने जाओगे?  क्या वह आप के साथ आएगा? जो अपनी बहन बेटियों की आबरु लुटती देखकर भी रूका नहीं,  उन्हें वही छोड़ भागा।क्या वह आप के साथ जाएगा लड़ने? सोचिए विचार कीजिए!
[19/01, 8:13 PM] Yadav Vinod Up: मुगल शासन में यदुवंश कभी नही झुका। कश्मीर की ऐसी की तैसी, मुगल शासन में ठाकुर अपनी लड़कियों को देने की होड़ में लगा था और अपनी शान समझता था। आज हिंदू राष्ट्र बनाने की सोचता है, समझे?
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