राजस्थान नागौर जिले की सर्मनाक घटना

राजशाही का जमाना गुजरे 70 साल से ज्यादा हो गए...
परंतु आप ताजुब करोगे कि नागौर जिले की खींवसर तहसील के कुछ दबंग आज लोकशाही के जमाने में भी निम्न वर्गों पर राजशाही के तौर तरीकों से हाथों हाथ कानूनी कार्रवाई करने में यकीन रखते हैं।


ऐसा समाचार है कि, करनूं गांव की हीरो एजेंसी के मालिक के ₹100 किसी ने चुरा लिए।


जैसे ही हीरो एजेंसी करनूं के मालिक को अंदेशा हुआ कि उसके ₹100 एक दलित ने चुराए हैं...
एकाएक उसका पारा सातवें आसमान पर चढ़ गया।


वैसे इस एजेंसी से 13 किलोमीटर पर पांचौड़ी पुलिस थाना है। तथा एजेंसी के मालिक द्वारा उसकी एजेंसी में मौजूद तथाकथित चोर के बाबत पुलिस को फोन करने पर पुलिस मात्र 10 मिनट में मौका ए वारदात पहुंच सकती है।


परंतु जनाब इतनी छोटी सी बात पर पुलिस बुलाना अपनी तौहीन समझते हैं। दूसरा यह है कि आप पुलिस की अपेक्षा स्वयं को ऐसे मामलों में अधिक कारगर कार्रवाई करने में सक्षम समझते हैं। 


खैर इन्होंने जो भी किया है उसे देख कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 
यह कृत्य मेरे गांव तथा कार्य स्थल से ज्यादा दूर नहीं है इसलिए आज मेरे जैसे लोगों के जेहन में यह दहशत बिल्कुल करीब से महसूस की जा रही है।


शिवनारायण इनाणियां भाकरोद  (कॉपी)