समाज सेवी सुमिता वर्मा ने जामिया में गोली चलाने वाले गोपाल के पिताजी को दी आर्थिक मदद, साथ ही किया कानूनी लड़ाई का एलान

समाज सेवी सुमिता वर्मा ने जामिया में गोली चलाने वाले गोपाल के पिताजी को दी आर्थिक मदद, साथ ही किया कानूनी लड़ाई का एलान


देश की राजधानी दिल्ली स्थित जामिया यूनिवर्सिटी तथा शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन अधिनियम CAA के विरोध के नाम पर की जा रही अराजकता व देश विरोधी नारेबाजी के खिलाफ गोली चलाने वाले गोपाल के समर्थन में आवाज अब बुलंद होने लगी है. बड़ी संख्या में लोग गोपाल का न सिर्फ समर्थन कर रहे हैं बल्कि उसके परिवार की आर्थिक व कानूनी मदद भी कर रहे हैं. इस बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी उद्यमी व समाजसेवी सुमिता वर्मा भी जामिया के उपद्रवियों के विरोध में गोली चलाने वाले गोपाल की मदद के लिए आगे आई हैं.




खबर के मुताबिक, सुमिता वर्मा आज गोपाल के गांव जेवर पहुंची तथा गोपाल के पिताजी को 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद की. इसके साथ ही गोपाल की कानूनी लड़ाई लड़ने की भी बात कही. सुमिता वर्मा ने गोपाल के पिताजी राजेन्द्र शर्मा को 51 हजार रुपये का चेक प्रदान किया तथा उनसे कहा कि इसके अलावा उनको जो भी समस्या आएगी, वह उनकी मदद करेंगी. गोपाल के पिताजी को आश्वासन देते हुए सुमिता वर्मा ने कहा कि उनको अपने बेटे के बारे में चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. वह आगे भी गोपाल के परिवार की हरसंभव न सिर्फ आर्थिक मदद करेंगी बल्कि उसकी कानूनी लड़ाई भी लड़ेंगी. मिसेज वर्मा ने कहा कि वह गोपाल को कानूनी तरीके से बाहर लाकर ही चैन से बैठेंगी.


SVN ने जब सुमिता वर्मा से सवाल किया कि गोपाल ने जामिया कैंपस के अंदर जाकर गोली चलाई है, ये एक गंभीर क्राइम है, ऐसे में आप उसकी मदद कैसे कर सकती हैं. इस सवाल पर सुमिता वर्मा ने कहा कि गोपाल राष्ट्रभक्त बच्चा है. वह नाबालिग है तथा अपने देश से, भारतमाता से प्यार करता है. ऐसे में जब जामिया से तथा शाहीन बाग से देश के टुकड़े करने की बात कही गई, शर्जील इमाम जैसे गद्दार ने खुलेआम एलान किया कि वह असम को भारत से अलग कर देगा, नॉर्थईस्ट को भारत से जोड़ने वाले चिकन नेक को भारत से तोड़ देगा, ऐसे में राष्ट्रभक्त नाबालिग बच्चे गोपाल का धैर्य जवाब दे गया तथा उसने ये कार्य को अंजाम दे डाला. सुमिता वर्मा ने कहा कि गोपाल ने देश को तोड़ने की साजिश रचने वालों के खिलाफ जाकर ये वारदात की है, ऐसे में गोपाल की मदद करना न सिर्फ उनका कर्तव्य है बल्कि वह ऐसा कर गौरवान्वित भी महसूस कर रही हैं.


सुमिता वर्मा ने कहा कि जब कोई देश तोड़ने की बात कहे तथा खुलेआम कहे और देश के तमाम कथित बुद्धिजीवी ऐसे देशद्रोही का समर्थन करें तब अकेला जेवर का गोपाल नहीं बल्कि देश के तमाम गोपालों का धैर्य जवाब दे सकता है. उन्होंने कहा कि वन्देमातरम तथा भारतमाता की जय के साथ दिन की शुरुआत करने वाले गोपाल से CAA के विरोधियों द्वारा आजादी व देश तोड़ने की बात कहना बर्दाश्त नहीं हुआ तथा गोपाल ने ये कदम उठा लिया. सुमिता वर्मा ने कहा कि गोपाल नाबालिग है तथा उसका परिवार काफी गरीब है, इसी कारण वह गोपाल की मदद के लिए आगे आई हैं. उन्होंने कहा कि गोपाल देशविरोधी बयानबाजी के कारण मानसिक रूप से परेशान है, इसलिए उसकी काउंसलिंग कराई जाए ताकि व दोबारा से सामान्य जीवन शुरू कर सके. सुमिता वर्मा ने कहा कि वह गोपाल को हरसँभव कानूनी मदद मुहैया कराएगी तथा उसको कानूनी तरीके से बाहर लाकर ही दम लेंगी क्योंकि एक तो गोपाल नाबालिग है दूसरा उसने देश के विरोधियों के खिलाफ ये कदम उठाया है.