देश के डॉक्टर ऐसी स्थिति होने वाली है । स्वास्थ्य सेवाएं में निजीकरण होना चाहिए

#शर्म आनी चाहिए देश के जाहिलों को ,थाली और ताली तो पीट सकते है लेकिन डॉक्टरों के पास किट और अन्य जरूरी उपकरण नही है, इसके लिए सरकार से सवाल नही कर सकते!
 जिसके अभाव में डॉक्टरों को पॉलिथीन पहन कर अपनी और मरीज की सुरक्षा करनी पड़ रही है।
नौबत यहाँ तक है कि  #AIIMS और #KGMU  के डॉक्टरों को पत्र लिखकर कहना पड़ रहा है कि उनके पास कोरोना के मरीजों के इलाज़ करने के लिए आवश्यक सुरक्षा उपकरण नही हैं ।
क्या इन डॉक्टरों के जन की कीमत नही है, अगर ये खुद इन्फेक्टेड हो गए तो मरीजो का कौन इलाज करेगा ?
 मोदी तो उड़ के विदेश चला जायेगा
  ऐसी चीजों के लिए ये जाहिल आवाज नही उठा सकते बस इन्हें भक्ति करनी है सरकार की.....करो भक्ति जब अपने पर गुजरेगा तो सारी भक्ति अंदर घुस जाएगी।