आज के माहौल मे आन्दोलन, धरना, प्रदर्शन की सार्थकता

*🔥आज के माहौल मे आन्दोलन, धरना, प्रदर्शन की सार्थकता 🔥* 
     जारी है - - - 
  *दूसरा सुझाव* 
  आज का शूद्र समाज कितने भोले-भाले तथा साथ मे स्वार्थी भी है। पांच साल की अनुभव के बाद भी, अभी भी इस सरकार से  कुछ पाने की उम्मीद लिए बैठा है।
   *शूद्रो और ब्राह्मणो के सोचने का नजरिया अलग अलग है। शुद्र ब्राह्मण को कभी कभी इन्सान से भी बढ़कर भगवान् का दर्जा दे देता है, लेकिन वही ब्राह्मण शूद्र को इन्सान भी नही, जानवर से भी बद्दतर समझता है।* 
   सैकड़ो साल के जद्दोजहद के बाद, तथा शूद्रो की मूर्खता के कारण भगवा मंडली अपने वर्चस्व को प्राप्त किया है। यहा सवाल लाजमी है कि कोई भी अपने वर्चस्व को नीचे क्यो जाने देगा? क्या आप अपने मान-सम्मान या वर्चस्व को घटते हुए देखना चाहेंगे? नही न।
    *यह सर्व विदित सिद्धांत है कि यदि आप को सम्मान या अधिकार चाहिए तो, सामने वाले की लकीर को छोटा करके नही, अपनी लकीर को बडा करना पडे़गा।* 
  आज भाजपा सरकार को देश की छवि या प्रगति से कोई लेना-देना नही है। आदिवासी भूखो मरे या गोली से मरे, शूद्रो के बच्चे अस्पताल मे दवा की कमी से मरे या कुपोषण से, किसान बाढ से मरे या सूखा से कोई फर्क नही पड़ता।
    *देश मे बेरोजगारी बढे या जीडीपी घटे, औरतो पर अत्याचार बढे या निरपराधो की खुलेआम हत्याए हो, इस सरकार को कोई फर्क नही पड़ेगा ?* 
  अमेरिका धमकी दे या UNO, पूरे विश्व मे देश बदनाम हो जाय,  क्या फर्क पड़ता है? 
    *इनको गाय  और गंगा  इन्सान से ज्यादा कीमती लगती है।* 
    शूद्र साथियो आप अभी भी गलतफहमी मे जी रहे है, इस सरकार का सिर्फ और सिर्फ एक ही एजेंडा और लक्ष्य है।
    *ब्राह्मण और ब्राह्मणवाद के खोए हुए वर्चस्व को हर तौर तरीके से मजबूत करना और उनके लिए उनकी नजर से सही भी है,लेकिन  अब 70 साल बाद हमे अपनी नजर से कुछ गलत लग रहा है, स्वाभाविक है। आखिर ऐसी स्थिति क्यो पैदा हुई? शूद्र वर्ण  अपने वर्चस्व को मजबूत करने के लिए इतने सालो मे क्या किया?* 
  क्या दुर्भाग्य है, समता समानता और बन्धुत्व आधारित सम्विधान के लागू होने के बाद भी आज शूद्रो के हर तरह से कमजोर व गुलाम बनाने की कोशिश की जा रही है, जब कि अकेले दम पर बाबा साहेब ने अंग्रेजो के सहयोग से, उस समय ब्राह्मणवादियो के गाल पर तमाचा मारते हुए शूद्रो की प्रगति पर गान्धी &कम्पनी चर्चा करने को मजबूर हो रही थी।
    *साथियो इस समय भगवा मंडली गैरकानूनी तरीके से बहुत मजबूत है। पुलिस, कोर्ट, मीडिया, माफिया आदि से सहयोग की उम्मीद कम ही लगती है, ऊपर से IT, ED, CBI आदि का डर भी दिखाया जाएगा। संविधान भी असहाय हो गया है।* 
  एक बात हम सभी को मालूम है कि ब्राह्मणवाद असत्य पर टिका हुआ है और मै पूर्ण विश्वास के साथ इस सिद्धांत को मानता हू कि - - 
  *सत्य परेशान होता है, पराजित नही। वशर्ते आप सत्य पर इमानदारी से काम करने मे टिके रहे।* 
  जो आन्दोलन आप के बस मे है और आसानी से बिना रूकावट के सफलता मिल सकती है, पहले वही करे।  
    *सभी SC, ST, OBC समाज के लोग और पार्टियो के शीर्ष नेतागण सिर्फ  अपने को गर्व से शूद्र घोषित कर ले और ब्राह्मण को  अपने आप से नीचा महसूस करते हुए, उनको उन्ही की धार्मिक भावना से, अछूत जैसी दूरी बना ले और उनके पैदा किए गए सभी नकली देवी -देवताओ और भगवानो का बहिष्कार कर दे । सोचिए, विचार कीजिए कि आप का कौन सा काम रुक जाएगा? क्या किसी की शादी नही होगी? बच्चा नही होगा ? क्या कोई मरेगा नही? यही नही आप की जिन्दगी खुशहाल हो जाएगी और विपरीत सोचिए उनका और उनके बेचारे भगवान का क्या हाल होगा?* 
      हम यह किसी तरह की दुर्भावना से नही, उन्हे भी  सच्ची भावना से मानवतावादी इन्सान होने का और शूद्रो की ताकत का एहसास दिलाना चाहते है।
  *यकीन मानिए योगी, मोदी और भागवत भी आप के सामने घुटने टेक देगे। धन्यवाद ।* 
  आप के सुझाव का स्वागत है।
   *गर्व से कहो, हम शूद्र है* 
  आप के समान दर्द का हमदर्द साथी।
  *शूद्र शिवशंकर सिंह यादव* 
  मो -W-7756816035
            9869075576