हमारे लेख"यादव समाज सोचे"

🔥हमारे लेख"यादव समाज सोचे"पर कुछेक साथियों की सार्थक प्रतिक्रिया🔥
[12/04, 3:12 PM] Davki Nandan ND: माननीय यादव जी,आप  बहुत ही चिंतनशील और गंभीर व्यक्तित्व लिए हुए हैं मैं चाहता हूं कि आप इस चिंतन को इस गंभीरता को आर एस एस की तरह पूरा करें। आपके जैसे चिंतन की इस देश को जरूरत है और मैं यह भी विश्वास कर सकता हूं यदि हम और आप कोशिश करेंगे तो आप जैसे और सारे लोग मिल जाएंगे समय आ गया है अब यह काम हमें मिलकर करना चाहिए।🌷🌷🙏🙏
[12/04, 9:36 PM] Vinod Gzib: *सर जी आपके द्वारा लिखा गया यह लेख भी कमाल का है जो भारत देश की वर्ण व्यवस्था की पोल खोलता है। भारत को आजादी मिले हुऐ करीब 75 साल हो गये है। फिर भी समस्या वही की वही है। कियों यादव समाज अपनी पहचान को सही तरह से नही पहचान पा रहा है। दल दल से ऊपर उठने की कोशिश कियों नही कर पा रहा है। अखिलेश यादव जैसे पूर्व प्रदेश के मुख्यमंत्री की बेज्जती होने के बाद भी अखिलेश कर्मकाण्डो मे उलझे हुऐ है। जबकी आज समय की मांग है अखिलेश को समाज सुधार पर अब जादे ध्यान देना चाहिए। और अखिलेश जी  अगर चाहे तो यादव समाज को इस दल दल से बहार निकाल सकता है पर उन्हे राजनीतिक छोड़कर समाजिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिये भारत का भ्रमण करना होगा।  और अब बाबा साहेब के जितनी मेहनत करने की भी जरूरत नहीं है। बस एक समाजिक संगठन बना कर यादव समाज के घर घर जाना होगा। और फिर यादव ही नही दूसरी शुद्र जातियां भी अखिलेश को अपना समाजिक नेता मान लेंगी। अब ऐसे ही समाज सुधारक की जरूरत है।* *जो शुद्र समाज को दल दल से बहार कर सके।*         🙏🙏🙏🙏🙏🙏    *विनोद सागर गाजियाबाद 9323396927 =8920331394*
[14/04, 9:16 PM] Rambhawan: *आदरणीय श्री शिव शंकर चौरसिया जी।* सादर प्रणाम
हम आपके इस यथार्थवादी लेख से   न केवल सहमत हैं बल्कि *आपके पूरे लेख में जो सबसे सुन्दर बात लगी वह यह है कि-*-
*जब तक हम अपने जाति समाज के लिए प्रश्न यानी तर्क करना नही सीखेंगे ?*
तब तक हमारे जाति समाज की उन्नति संभव नही है?
जैसे-
*अगर हम हिन्दू धर्म के अभिन्न अंग है और और हिन्दू हमारा मूल धर्म है?*
फिर *आदिकाल से आज तक सामाजिक राजनैतिक आर्थिक  क्षेत्र में सभी पिछडे और अनुसूचित और जप जातियों का अधिकार क्योंकि नगण्य  है?*
 वहीं वर्ण व्यवस्था मे (हिन्दू) में *ऊपर से दो वर्ण यानी जातियां , आबादी में ,सबसे कम होते हुए* भी *सरकारी गैर सरकारी तथा प्राकृतिक सम्पदाओं पर उनका एकमेव अधिकार कैसे है?*
*जब तक इस प्रश्न का वैज्ञानिक हल नहीं ढूंढा जायेगा तब तक हम स्वयं खुश होते हुए निर्धन से निर्धन होते भावी पीढी को छोड़ जायेंगे।*


इसलिए लिए *हमे संविधान और बाबा साहेब *डा अम्बेडकर जैसे ललई यादव ,शिव दयाल चौरसिया कांसीराम को न केवल पढना होगा* बल्कि उनके विचारों को आत्मसात कर अपने भावी पीढी को जागरूक करना ही अम्बेडकर जयंती मनाने की सार्थकता है।
*महान समाज सुधारक ,आधुनिक मनु, संविधान निर्माता, पिछड़ा और अनुसूचित जाति के परम हितैषी, संबल आफ नालेज, और ऐसे  महात्मा के जन्म दिन पर* देश के सभी देशवासियो के तरफ से उन्हें शत शत नमन
जय भीम जय भारत
*राम भवन चौरसिया।*


👌👆🌷🌹👏👏👏👏
[15/04, 5:43 AM] Sureshchendra: बहुत बहुत साधुवाद और धन्यवाद साहब यक़ीनन आप प्रेरणास्रोत हैं,और उम्र के इस पड़ाव पर भी आप जिस जोश और जज्बे के साथ बुद्ध,फुले,
साहू,पेरियार और अम्बेडकरी
विचारधारा का जोरदार बिगुल फूँक रहे हैं वह हमेशा आने वाली पीढ़ियों के लिये प्रेरणास्रोत और गर्व का अहसास कराता रहेगा,
आज सख्त जरूरत है कि आपके जैसे लाखों क्रांतिकारी उभरकर सामने आये ताकि समाज का उद्धार हो सके,मैं आपके जोश जज्बे और मिशन को ताउम्र सलाम करता रहूँगा🙏
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 समर्थन देने के लिए सभी को तहे दिल से शुक्रिया व धन्यवाद🙏🙏🙏
 शूद्र शिवशंकर सिंह यादव
 मो०-7756816035