शूद्र समाज की दुबिधा

🔥चौथा एपिसोड, शाम, दिनांक 18-04-2020🔥
*🔥शूद्र समाज की दुबिधा🔥* 


     *यह पूर्ण सत्य है कि- -* 


 *🔥नदी में गिरने से किसी की मृत्यु नहीं होती,* 
 *मृत्यु इस लिए होती है क्योंकि उसे तैरना नहीं आता।🔥* 
 *वैसे ही* 
 *🔥परिस्थितिया कभी समस्या नहीं बनती,* 
 *समस्या इस लिए बनती है क्योंकि हमें उन परिस्थितियों से लड़ना नहीं आता।🔥* 
 *🔥यही हालत आज हमारे 85% शूद्र समाज की है। ब्राह्मणवाद ने उन्हे अमानवीय खणयंत्र करके, पुनर्जन्म के माध्यम से स्वर्ग-नरक, भाज्ञ-भगवान , पाप-पुण्य , फिछले जन्म का कर्म-फल आदि तरह-तरह के प्रलोभन और लालच देकर, नींच और दुष्ट बनाकर अंधविश्वास और पाखंड के सागर मे हजारो साल से डुबो दिया है।* 
      *इस विकट समस्या से निजात पाने के लिए बाबा साहेब ने मानवता वादी , समता, समानता और बन्धुत्व आधारित लोकतंत्र का संविधान यानि बहुमत का शासन और प्रशासन, देकर ऐसी परिस्थिति से निजात पाने का रास्ता भी दिखा दिया है।* 
     *अफशोस, आज भी ब्राह्मणवादी मांसिक गुलामो, स्वार्थी, लालची और मौकापरस्त कुछ शूद्रो को एक ही रास्ता, बहुमत यानि  15&85 का सुगम रास्ता नजर  नही आ रहा है।* 
     *हमे तो शार्ट-कट रास्ता उन्ही के दिए हुए अपमानित करने वाले वेदों, पुराणों रूपी दुधारी हथियार को, द्विधारी हथियार बनाकर उन्हीं के ऊपर, प्रयोग करने मे दिखाई दे रहा है।* धन्यवाद!
  आप के समान दर्द का हमदर्द साथी!
 *शूद्र शिवशंकर सिंह यादव* 
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