मूर्खता और मूर्खो की जय हो

🔥31वां एपिसोड,सुबह,दिनांक 02-05-2020🔥
*🔥मूर्खता और मूर्खो की जय हो 🔥* 
 *🔥 शुभ सावन, शुभ मंगलवार  - -शुभ मुहूर्त, शुभ घड़ी आदि🔥* 
 साथियो सौर्य मंडल मे एक निश्चित समय मे पृथ्वी और चंद्रमा द्वारा सूर्य की परिक्रमा करने के कारण दिन, रात, शूर्य-ग्रहण, चन्द्र -ग्रहण  और मौसम परिवर्तन पूरे भूमंडल मे बनते है। विश्व मे कही भी ऐसी बेवकूफी भरी मान्यता  नजर नही आती है।
हर पल, हर दिन और सभी महीने  शुभ होते है। सिर्फ पाखंडी इन्सान की खुराफाती दिमाग ने  समय और दिन को शुभ-अशुभ बनाकर, भोले-भाले इन्सान को बेवकूफ बनाकर, पेट-पालन का जरिया बना लिया है।  मूर्खता मे ऐसे इन्सान जानवर से भी बदतर  होते है ।
  *मूर्खताबाद और मुर्खो की जय हो ।* 
👞👞👞👞👞👞👞👞
 *🔥किसी ने ध्यान दिया...* 
1. पहले सावन आता है ब्राह्मण कमाता है...उस दौरान शादी नही होती।
2.फिर गणपति आता है ब्राह्मण कमाता है...उस दौरान बताया जाता है की शादियों का मुहूर्त  नही है।
3. फिर नवरात्रि आता है।
4. फिर दीवाली आती है।
5. फिर जब त्यौहार खत्म होते हैं तो शादियो का सीजन शुरू होता है। ब्राह्मण कमाता हैं, शूद्र गवाता है।
6. यही नहीं, आप ध्यान दीजिए, बरसात के दिनों में गंगा नदी में कोई तिर्थ स्नान का मुहुर्त भी नहीं मिलता है।
    *जरा कोई ये बताये की ये कौन सा ब्राह्मणी चक्र है की त्यौहार के दौरान शादी नही होती और शादी की दौरान त्यौहार नही पड़ता। और कमा कौन रहा है?* 
  अब तो करोना वायरस ने भी प्रमाणित कर दिया कि, ए सभी  पाखंड सिर्फ और सिर्फ अपना पेट पालने तथा हमें और आप को बेवकूफ़ बनाने के लिए रचे गए हैं।
     साथियो वैज्ञानिक युग है, अपनी बुद्धि का प्रयोग करो, तर्क करो, अपने आप से प्रश्न करो --क्यो, कैसे, पहले हुआ ,आज क्यो नही ? और अपने अन्दर का डर निकाल फेको, फिर देखो, आप से फिर वही तथाकथित भगवान् डरेगा।
    *हमारी उम्र 70 की हो रही है  और  1982 से तथाकथित सभी  धर्म के भगवानो को दुत्कारते हुए अपने सभी कार्य अपशकुन के दिन और समय को ही करता हूं और सफल होता रहा हूं। और यही नहीं, बिना किसी रोग के खुशहाल जिन्दगी भी जी रहा हूं। यकीन मानिए यही पाखंड और इंसानों के प्रति आप के दिमाग में पैदा की गई नफरत ही आप के सभी दुखों का कारण है*।
 "गर्व से कहो हम शूद्र हैं" शूद्र एकता मंच"
   आप के समान दर्द का हमदर्द साथी!
    शूद्र शिवशंकर सिंह यादव,
      मो०- 7756816035


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