शूद्र प्रयोग का परिणाम

🔥27वां एपिसोड,सुबह,दिनांक 30-04-2020🔥
*🔥शूद्र प्रयोग का परिणाम🔥* 
              *सत्य घटना* 
    मई 2017 को जब अपने मकान, सेवियर पार्क, मोहन नगर, गाजियाबाद को देखकर करीब लंच के समय, गेट के बाहर मेन रोड पर आया। तीन ठेले गाड़ी वाले तरह-तरह के ब्यन्जन बना रहे थे । करीब करीब  30- 35 लोगो की भीड़ थी ।अभी पहुंच कर कुछ सोच ही रहा था कि, अचानक मेरे पास जवान उम्र का राम-नाम का गमछा गले मे लटकाये, भगवान् की थाली मे आरती लगाए,  धोती -कुर्ता, चुन्नी -चन्दन लगाए, मुझे तिलक लगाने के लिए आगे बढ़ा, पता नही क्यो,? अचानक उसे हाथ से इशारा करते हुए ,दुत्कारते हुए, जोर से चिल्लाते हुए, खबरदार! दूर ही रहो, मुझे छूना मत!  आश्चर्य से प्रश्न किया,  क्यो? मैने कहा मै शूद्र हूं और ढोंगी पाखंडी को मै अब छूता नही हूं -- - पाखंडी सुबह स्नान किया है, तुमसे बदबू आ रही है - -शर्म नही आती भीख मांग रहा है! भिखारी कही का?
 बिना रूके इतनी बाते अचानक मै बोल गया।
 अब क्या तिलमिला गया ।अधर्मी कहते हुए, बड़बड़ाते हुए, संस्कृति पढ़ते हुए मुझे श्राप देने लगा। मै भी गुस्से मे खाना बनाने वाले मजदूरो की तरफ ईशारा करते हुए, ये बेचारे भट्ठी के सामने दिन-रात काम करते हुए पसीना बहाते है और तूं निठल्ला भीख मांगता है। शर्म नही आती है? -चल बर्तन मांज -- -इससे जूठा बर्तन धुलवाने के बाद ही पैसा देना। 
    तिलमिलाते हुए भिखारी नही हूं, धर्म का काम करता हूं। मैने देखा कि, वहां उसका कोई भी साथ नही दे रहा था । मेरा हौसला बढ़ा। अभी भी बड़बड़ किए जा रहा था, बाडी ऐक्शन करते हुए,  यहां से जाता है कि जूते निकालू। इतना पर चलते बना।
   *प्रतिक्रिया* - -चाचा आप कहा से आए है? बहुत अच्छा किया । रोज यहा से ₹50 -100/- लिए बगैर जाता ही नही है। मैने कहा,  यहा अब उसे खड़े मत होने देना, अरे चाचा आज के दुर्दशा के बाद अब यहां, वह नही आएगा ।
   *अनुभव* --- करीब करीब  90% शूद्र वहां थे, लेकिन कभी कोई बिरोध नही करता था। मनुवादी अपनी उजूल -फिजूल बातो को बड़ी शान से शूद्रो के बीच मे बहस के लिए रख देता है और बिना विरोध के चर्चा भी करने लोग लग जाते है। यह आज तक कि प्रवृत्ति चली आ रही है। इसलिए  85% रहते हुए भी हमारे लोग मनुवाद को जिन्दा रखे हुए है। मैने अनुभव किया है, रेलगाड़ी या बस का सफर हो या सार्वजनिक जगह, कोई एक मनुवादी लालू के चारा घोटाले की बात छेड़ देता है। एक भी कोई  हां किया कि बहस शुरू । हमारे लोग चुप रहते है ।
  मै इसे बदलने की कोशिश करता रहता हूं और आप सबसे बदलने की कोशिश करने की उम्मीद भी करता हूं। धन्यवाद! 
 मिशन- *गर्व से कहो हम शूद्र है* 
                 "शूद्र एकता मंच"
  आप के समान दर्द का हमदर्द साथी!
 *शूद्र शिवशंकर सिंह यादव* 
   मो- W- 7756816035
               9869075576