अंतर्राष्ट्रीय बौध्दिष्ठ भीम सेना की ओर से सभी बालिकाओं को ........... अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस की सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। बालिकाओं की करे सुरक्षा । Dr P S Bauddh Editor - Power Post News: *पुराने और नये संस्कारों का अंतर समझ लो।* आपको कौन से पसंद है? (A) *पुराने संस्कार* 1.चुप रहना 2.सर छुपाना। 3.पैर छूना। 4.मुँह छिपाना 5.आँख न मिलाना 6.सवाल न पूछना 7.शिकायत न करना। 8.हर बात में समझौता करना। 9.अपनी इच्छा को छुपाना 10.बड़ों की बात को बिना औचित्य के भी मानना। 11.जाति और परिवार की नाक का ध्यान रखना।हर समय संस्कारों का डर।बदलाव संभव ही नहीं।पुराना ही सब कुछ आदर्श है ,नया सब कुछ व्यर्थ। 12.संघर्ष की जगह आत्महानि।अपने अस्तित्व,खुशी और गरिमा का परिवार और जाति के लिए पूर्ण बलिदान। उसपर निर्भर रहो। (B) *नये संस्कार या नई सोच* 1.सवाल करो। 2.मुँह मत छुपाओ। 3.अपनी बात कहो। 4.शिकायत करना सीखो। 5.अपने और दूसरों की महिलाओं,लड़कियों की इज्जत करो। 6.कानून जानो।कानून का सम्मान करो ।डर किसी का नही।जो डर गया,वो मर गया। 7.गलत बात का विरोध करो।पुरानी हो या नयी। 8.सही बात का समर्थन करो। 9.कोई कितना भी बड़ा हो गलत बात पर समझौता नहीं।बदलाव ही क्रान्ति है। 10.आंख मिलाकर अपना पक्ष रखो।ऊपर देखो,आसपास देखो,आगे बढ़ो,डर कर नही, चाल में आत्मविश्वास ,आत्म निर्भरता और आत्मरक्षा के साथ। 11.मानवता,देश ,संविधान और नैतिकता का ध्यान रखना। 12.अपने अस्तित्व ,खुशी और गरिमा के लिए संघर्ष करना।नियोजन करना।